हरदा: बालिका शौचालय मरम्मत और नवीन निर्माण में सुस्ती, बैठक में कोई भी उपस्थित नहीं

बैठक में उपस्थित होने के लिए समन्वित निर्देश दिए जाने के बावजूद, सहायक यंत्री जितेंद्र कुमार सेन के अनुसार, बैठक में कोई भी संबंधित अधिकारी या प्रधानपाठक उपस्थित नहीं हुआ। यह स्थिति जिले में बालिका शौचालय निर्माण और मरम्मत कार्य की गंभीर अनियमितता और सुस्ती को उजागर करती है।


शेख अफरोज हरदा/जिला शिक्षा केन्द्र हरदा द्वारा राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल की स्वीकृति के तहत शासकीय विद्यालयों में बालिका शौचालय रिपेयर एवं नवीन शौचालय निर्माण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक का उद्देश्य वर्ष 2026 के लिए निर्धारित समय सीमा में शौचालय मरम्मत एवं निर्माण कार्यों की प्रगति का आकलन करना था। यह बैठक 20 फरवरी 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सुबह 11 बजे आयोजित की गई, जिसमें संबंधित विकासखंड स्त्रोत समन्वयक एवं प्रधानपाठक शामिल होने के निर्देश दिए गए थे।

सूत्रों के अनुसार, राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल ने बालिका शौचालय रिपेयर कार्य 10 फरवरी 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद, हरदा जिले में केवल 33 शौचालय मरम्मत कार्य पूरे हो पाए हैं, जबकि 23 कार्य अभी भी लंबित हैं। इससे स्पष्ट होता है कि मरम्मत और निर्माण कार्य समय पर पूर्ण करने में सुस्ती रही है। जिलेवार सत्यापित जानकारी के अनुसार, प्रदेश में 3476 शालाओं में बालिका शौचालय क्रियाशील नहीं हैं, जिनमें मरम्मत की अत्यंत आवश्यकता है।

जिला परियोजना समन्वयक ने निर्देशित किया कि संबंधित प्रधानपाठकों के साथ समन्वय कर लंबित 23 कार्य दो दिन के अंदर पूर्ण कराए जाएँ और मरम्मत कार्य के पूर्व एवं पश्चात जियो-टैग फोटोग्राफ तैयार किए जाएँ। इसके अलावा नवीन शौचालय निर्माण की धीमी प्रगति के लिए भी संबंधित प्रधानपाठकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में उपस्थित होने के लिए समन्वित निर्देश दिए जाने के बावजूद, सहायक यंत्री जितेंद्र कुमार सेन के अनुसार, बैठक में कोई भी संबंधित अधिकारी या प्रधानपाठक उपस्थित नहीं हुआ। यह स्थिति जिले में बालिका शौचालय निर्माण और मरम्मत कार्य की गंभीर अनियमितता और सुस्ती को उजागर करती है।

शासकीय निर्देशों के अनुसार, शाला प्रबंधन समिति बालिका शौचालय मरम्मत के कार्य को प्राथमिकता देते हुए निम्नलिखित कार्य करें: टूटी शीट बदलना, यूरिनल पॉट/स्क्वाटिंग प्लेट की मरम्मत, दरवाजे एवं वेंटिलेशन सुधारना, फर्श और दीवार की मरम्मत, सैनेटरी फिटिंग एवं वाश बेसिन की मरम्मत, और छत में सीपेज होने पर वाटर प्रूफिंग करना। शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और सचिव के संयुक्त खाता के माध्यम से वित्तीय सहायता राज्य स्तर से जारी की जा रही है।

जिला शिक्षा केन्द्र हरदा की इस सुस्ती ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य द्वारा निर्धारित 8 मार्च 2026 की समय सीमा तक समस्त शालाओं में बालिका शौचालय की क्रियाशीलता सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को आवश्यक कदम उठाकर कार्यों की निगरानी सख्ती से करनी होगी, ताकि बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ शौचालय सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो सकें।

इस पूरे मामले में जिले के शिक्षा विभाग और प्रधानपाठक दोनों ही जिम्मेदारी के प्रति लापरवाह दिखाई दिए हैं। ऐसे में राज्य शिक्षा केन्द्र और जिला परियोजना समन्वयक की भूमिका और सतर्कता अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। समय पर मरम्मत और निर्माण कार्य पूरा कराना न केवल बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि शिक्षा विभाग की विश्वसनीयता और शासन की योजनाओं की सफलता के लिए भी अनिवार्य है।

 हरदा जिले में बालिका शौचालय मरम्मत और नवीन निर्माण कार्य में सुस्ती, बैठक में कोई उपस्थित नहीं, केवल 33 मरम्मत कार्य पूर्ण और 23 लंबित, संबंधित प्रधानपाठकों और विभागीय अधिकारियों को दो दिन के अंदर कार्य पूर्ण करने के निर्देश।