शेख अफरोजहरदा/सरकारी तीर्थ दर्शन योजना, जिसका उद्देश्य गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को धार्मिक यात्रा का लाभ दिलाना है, अब फर्जीवाड़े और सिफारिशों की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। योजना में अपात्र एवं पहुंच वाले लोगों के नाम जोड़ने तथा वास्तविक गरीब लाभार्थियों के नाम सूची से काटे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की जा रही है। जिन लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत है या जिनकी प्रशासनिक पकड़ है, उनके नाम लाभार्थी सूची में शामिल किए जा रहे हैं, जबकि वास्तविक जरूरतमंदों को विभिन्न बहानों से बाहर किया जा रहा है।
कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पहले उनसे आवेदन भरवाए गए, दस्तावेज जमा कराए गए और भरोसा दिलाया गया कि उनका चयन निश्चित है। लेकिन अंतिम सूची जारी होने पर कई गरीब परिवारों के नाम गायब मिले और उनकी जगह प्रभावशाली लोगों के नाम दर्ज थे।
इस कथित घोटाले से योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि यदि जांच नहीं हुई तो यह योजना गरीबों के लिए नहीं बल्कि रसूखदारों के लिए मुफ्त यात्रा योजना बनकर रह जाएगी।
समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि लाभार्थी सूची की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पात्रता के मानकों को सार्वजनिक किया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो यह मामला बड़े घोटाले का रूप ले सकता है और सरकार की जनकल्याणकारी योजना की साख को गहरा नुकसान पहुंच सकता है।
