जिला पंचायत में MP NRLM कार्यों की कड़ी समीक्षा, धीमी प्रगति पर सख्त कार्रवाई,‘एक बगिया मां के नाम’ योजना पर उठे सवाल

 


शेख अफरोज/हरदा।जिला पंचायत कार्यालय में आज मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO, जिला पंचायत) श्रीमती अंजलि जोसेफ की अध्यक्षता में ग्रामीण आजीविका मिशन (MP NRLM) के अंतर्गत संचालित योजनाओं और गतिविधियों की गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मिशन की प्रगति, गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई तथा लापरवाही बरतने वाले अमले पर कड़ा रुख अपनाया गया।

समीक्षा बैठक में प्रमुख रूप से डिजिटल आजीविका रजिस्टर, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की लोकोस एंट्री, समूहों का बैंक लिंकेज, जैविक कृषि को बढ़ावा देने की गतिविधियां तथा शासन की महत्वाकांक्षी योजना ‘एक बगिया मां के नाम’ के अंतर्गत हितग्राहियों के चयन एवं क्रियान्वयन की स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान प्रस्तुत प्रगति प्रतिवेदन के आधार पर यह सामने आया कि विकासखण्ड हरदा एवं टिमरनी में कई कार्य अपेक्षित गति से पूरे नहीं किए जा रहे हैं। इस पर CEO श्रीमती अंजलि जोसेफ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन से सीधे तौर पर गरीब, महिला एवं ग्रामीण परिवारों की आजीविका जुड़ी है, ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

धीमी प्रगति पर सख्त निर्देश

समीक्षा के बाद श्रीमती जोसेफ ने कड़े प्रशासनिक निर्देश जारी किए।

विकासखण्ड हरदा में कार्यों की कमजोर प्रगति के चलते संबंधित अमले का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।

वहीं विकासखण्ड टिमरनी में जिम्मेदार कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी करने के आदेश दिए गए।

CEO ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि आगामी समीक्षा में सुधार नहीं दिखा तो और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

एक बगिया मां के नाम’ योजना पर उठे सवाल

बैठक और उसके बाद सामने आई जानकारियों के अनुसार, ‘एक बगिया मां के नाम’ कार्यक्रम से जुड़े कुछ जिम्मेदार व्यक्तियों द्वारा हितग्राहियों पर कथित रूप से दबाव बनाए जाने की बातें भी चर्चा में आईं। आरोप है कि कुछ स्थानों पर हितग्राहियों को विशेष दुकानों या तय स्थानों से ही पौधे, खाद और अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिससे संबंधित अधिकारियों या व्यक्तियों को आर्थिक लाभ मिलने की आशंका जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार यदि इस तरह की गतिविधियां सही पाई जाती हैं, तो यह न केवल शासन की मंशा के खिलाफ है, बल्कि गरीब हितग्राहियों के आर्थिक शोषण की श्रेणी में भी आता है। इस विषय पर CEO स्तर पर जांच कराए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, ताकि योजना का लाभ निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी दबाव के पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे।

अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी

बैठक में ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक श्री रामनिवास कालेश्वर सहित विभिन्न विकासखण्डों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। CEO श्रीमती अंजलि जोसेफ ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:

सभी लंबित कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाए,

डेटा एंट्री, बैंक लिंकेज और योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए,

तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता, दबाव या भ्रष्ट आचरण की शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य केवल आंकड़े पूरे करना नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं और परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना है, और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता मिशन की आत्मा के खिलाफ 

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