जिले में एस्टीमेट घोटाले की आहट, उपयंत्रियों पर गंभीर आरोप, मोटी रकम लेकर बढ़े-चढ़े एस्टीमेट, शासन को लाखों का नुकसान

 शेख अफरोज हरदा।जिले में चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं। आरोप है कि कुछ उपयंत्री मोटी रकम लेकर वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज करते हुए बढ़े-चढ़े एस्टीमेट तैयार कर रहे हैं, जिससे शासन की राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है।

सूत्रों के अनुसार, कई कार्य ऐसे हैं जिनकी जमीनी जरूरत और वास्तविक लागत सीमित है, लेकिन कागजों में उन्हें अनावश्यक रूप से महंगा दर्शाया गया है। तकनीकी मानकों और फील्ड कंडीशन की अनदेखी कर एस्टीमेट बनाए जा रहे हैं, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है।

निरीक्षण केवल कागजों तक सीमित

चिंताजनक पहलू यह है कि कार्यों के दौरान किया जाने वाला निरीक्षण भी आंख मूंदकर किया जा रहा है। मौके पर निर्माण की गुणवत्ता, मात्रा और आवश्यकता का सही आकलन किए बिना ही निरीक्षण प्रतिवेदन में कार्यों को संतोषजनक दर्शा दिया जाता है।

जिलेभर में फैला मामला

बताया जा रहा है कि यह स्थिति किसी एक जनपद या विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले के विभिन्न विकास कार्यों में यह प्रवृत्ति देखने को मिल रही है। बढ़े हुए एस्टीमेट के आधार पर भुगतान होने से शासन को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

प्रशासनिक कार्रवाई की मांग

1 .मामले को लेकर जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म है। नागरिकों और जागरूक लोगों की मांग है कि—

2.सभी संदिग्ध एस्टीमेट की जिला स्तर पर तकनीकी ऑडिट कराई जाए

3.कार्यस्थलों का भौतिक सत्यापन वरिष्ठ अधिकारियों से कराया जाए

4.दोषी उपयंत्रियों पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए

अब सवाल यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब तक चुप्पी साधे रहेगा, या फिर समय रहते भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।