शेख अफरोज हरदा/पलासनेर पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार और गुणवत्ता-हीन निर्माण कार्यों के खिलाफ अब जनआंदोलन का रूप लेती आवाज़ लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में आज स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने नर्मदापुरम संभाग के जॉइंट कमिश्नर श्री जी.सी. दोहर से मुलाकात कर पंचायत में हुए कथित घोटालों और अनियमितताओं को लेकर एक विस्तृत लिखित ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पलासनेर पंचायत में बीते वर्षों में कराए गए कई निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताएं देखने को मिली हैं। सड़कों, नालियों, भवनों और अन्य मूलभूत ढांचों का निर्माण काग़ज़ों में तो पूरा दिखाया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। कई जगहों पर घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे निर्माण कार्य कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त हो गए।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधियों ने पंचायत में कराए गए कार्यों से जुड़े फोटो और वीडियो फुटेज भी जॉइंट कमिश्नर को दिखाए। इन फुटेज में साफ तौर पर टूटती सड़कों, अधूरी नालियों और मानकों के विपरीत किए गए निर्माण कार्यों की स्थिति सामने आई। श्री दोहर ने पूरी गंभीरता के साथ सभी साक्ष्यों को देखा और प्रतिनिधियों की बात को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस पूरे मामले में एक अहम पहलू यह भी सामने आया कि कुछ लोग आज इस मुद्दे को जातिगत रंग देने का प्रयास कर रहे हैं। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग आज SC/ST की बात कर रहे हैं, असल में यह संघर्ष उन्हीं लोगों के हक़ और अधिकारों के लिए है। वर्षों से इन मोहल्लों में रहने वाले लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं, लेकिन जब यह अन्याय हो रहा था, तब कोई आवाज़ उठाने नहीं आया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि SC/ST बहुल मोहल्लों में न तो पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें हैं, न ही सड़कें सही हालत में हैं। कई इलाकों में आज तक पक्का आवास लोगों को नहीं मिल पाया है। हालात इतने बदतर हैं कि कुछ मोहल्लों में तीन-तीन महीने तक पानी की सप्लाई नहीं हुई, और नहाल मोहल्ले में आज भी पिछले दो महीनों से गंभीर जल संकट बना हुआ है।
प्रतिनिधियों ने दो टूक कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि सच, पारदर्शिता और जनता के अधिकारों के लिए है। यह संघर्ष काग़ज़ों या मंचों तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीन पर पीड़ित लोगों के साथ खड़े होकर लड़ा जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इन बस्तियों में लोग बुनियादी सुविधाओं के बिना जीने को मजबूर थे, तब आज बोलने वाले लोग कहाँ थे?
जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को विश्वास है कि जॉइंट कमिश्नर के हस्तक्षेप के बाद पलासनेर पंचायत में हुए भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण कार्यों की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। स्थानीय जनता ने साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह संघर्ष जारी रहेगा, जब तक न्याय नहीं मिलता।

